मोबाइल का जमाना

 आज कल मोबाइल का दौर बहुत ही ज्यादा है _

आजकल पिछले कुछ सालों से मोबाइल का दौर बहुत तेजी से चला है मोबाइल इंसान की शरीर का एक हिस्सा हो गया है की इंसान उसे छोड़कर कुछ पल शांति से नहीं रे सकता अगर इंसान की मोबाइल कुछ समय के लिए उससे ले लिया जाए तो वह अपने आपने बेचैन सा महसूस करने लगता है जैसे हमारे शरीर के किसी अंग में कोई दिक्कत हो और हमारा शरीर बेचैन रहता हो वैसे ही मोबाइल का वसूल हो गया है 

लेकिन जहां तक बात आती है मोबाइल की कि उसे किस तरीके से इस्तेमाल करना है और उसे कौन इस्तेमाल कर रहा है किस हिसाब से इस्तेमाल कर रहा है मोबाइल हमारे जीवन के लिए बहुत अच्छा भी है और बहुत बुरा भी है लेकिन फर्क इतना है कि हम जैसे समुद्र में जा रहे हो और हमारे पास नाव हो वह भी कमजोर तो हमें नाव पर भरोसा ना करक अपने आपको समुद्र की गहराइयों से बचने का उपाय खोजना चाहिए 

वैसे ही हमारे पास मोबाइल एक वास्तु है ना कि शरीर का कोई अंग अगर मोबाइल हम इस्तेमाल कर रहे हैं तो केवल केवल वास्तु के स्वरूप ना कि उसको एक सिद्धांत बनाकर आजकल के जमाने में कुछ लोग तथा हम आप वह सभी मोबाइल से जुड़े हुए हैं मोबाइल से हमारे संबंध अच्छे भी होते हैं और बुरे भी होते हैं इसलिए मोबाइल को उस हिसाब से इस्तेमाल करो कि किसी भी वस्तु को करते है,

आजकल बच्चे मोबाइल के चलते अपने मां-बाप से बहुत दूर होते जा रहे हैं और मां-बाप भी कहीं ना कहीं बच्चों से दूर होते हुए जा रहे हैं इन दोनों को संबंध में प्यार बढ़ाने के लिए जब हम अपने परिवार के साथ बैठे तो मोबाइल को उस टाइम बंद कर दें क्योंकि परिवार से बढ़कर कोई चीज नहीं है मोबाइल हमारे प्रेम तथा संबंध में बार-बार हस्तक्षेप करने वाला एक वायरस है जो हम अपनी बातें ना रख सकते हैं किसी से ना किसी की बातें हम सुन सकते हैं इसीलिए मोबाइल को ज्यादा दूर रखना भी सही है और पास भी रखना सही है लेकिन जब तक वह आपको इस्तेमाल न करने लगे आप उसे इस्तेमाल करो क्योंकि आने को लोगों में देखा गया है कि मोबाइल का महत्त्व बहुत ही अप्रिय असर तथा लोग मोबाइल पर ही हाय हेलो का मैसेज व्हाट्सएप फेसबुक के माध्यम से कर लेते हैं 2 मिनट कॉल करके या मुलाकात करके आपसे बात नहीं कर पाते हैं यही मोबाइल जो करोड़ों लोगों को आपके साथ जोड़कर रखता है यहीं से मोबाइल से आप लोग अपने लोगों से काफी दूर होते जा रहे हैं आर्टिकल हमारा लिखने का मकसद केवल इतना है आप अपने लोगों से दूर ना कभी ना कभी कॉल कर लिया करें तथा उनके दिल की बात जानने की कोशिश करें उन पर दुख साझा करें कोई हो सकता है आपसे कोई बात कहना चाहता हूं और ना बोल पा रहा तो माता-पिता से निवेदन है कि वह भी अपने बच्चों के बाद बहुत ध्यान से सुने और बच्चे भी कोई भी बात अपने मां-बाप से बहुत ध्यान से बताओ मोबाइल को साइड रखकर सबसे पहले परिवार की बातें परिवार में करें हर बार मोबाइल पर उतनी ही अच्छी लगती है जितना आसमान में चांद से शिकायत करना या चांद से कोई आशा करना कि हम पहुंच तो नहीं सकते लेकिन कह सकते हैं इसीलिए जो सामने है उसके समक्ष वह बातें करें बेहद अच्छा होगा,

धन्यवाद पढ़ने के लिए समय देने के लिए आगे का आर्टिकल आप लोग कमेंट में लिखें उस पर हम आपको बनाकर भेजेंगे तथा इसमें सहयोग करें प्यार देखना जय हिंद जय भारत वंदे मातरम

विनय पांडे हमारे ब्लॉक जहां तक हो सके आप लोग सब्सक्राइब करें और शेयर करें तथा अपने अपनों के बीच भेजें आप हमारे फ्रेंड नहीं परिवार परिवार से हर बातें साझा की जा सकती है


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