रुतबा कैसा होना चाहिए

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम विनय पांडे है आज मैं आप लोगों को रुतबा करके एक सीरीज लिखने जा रहा हूं जिस पर आप लोगों का प्यार और सम्मान की जरूरत है

रुतबा _ आप लोग अक्सर एक बात जरूर देखते हैं किसी व्यक्ति को जवाब देते हैं तो आपके समझ में आता है यह आपको ऐसा महसूस होता है कि यह व्यक्त हर रूप से सक्षम है इस वक्त की हर आदमी बात मानता है इसका मतलब इस व्यक्ति का कहीं भी आना जाना कहीं भी रहना हर लोग उसे सम्मान देते हैं इसका मतलब इसके रुतबे से डरते हैं बल्कि उसकी वजह से इसका सम्मान करते हैं हर इंसान के कोई अच्छा है कोई बुराइयां अवश्य होती है जैसे रामायण काल में देखा गया है श्री हनुमान जी की सारी शक्तियां जब समाप्त हो जाती हैं उस समय जामवंत जी उन्हें उनकी शक्तियों का एहसास दिलाते हैं और उसके बाद श्री हनुमान जी की समस्त शक्तियां वापस आ जाती है हनुमान जी समुद्र नांग कर सीता जी का पता लगाते हैं उसके बाद श्री राम जी को बताते हैं तो एक रुतबा इसमें आता है जो मनुष्य बहुत शांति पूर्वक अपना काम करता है और समय आने पर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करता है तथा उसी रामायण में आपने रावण का भी दृश्य देखा है उसका भी रुतबा अलग था जब उसे अलग जब वशिष्ठ जी का यज्ञ भंग करना था तो उसने अपने मामा मारीच को भेजा ताकि उस समय ऋषि मुनि द्वारा किया जा रहे यज्ञ का विफल प्रयोग निकले;
लेकिन रामद्वारा उपस्थित होने पर वाह प्रयोग सफल नहीं होता हम बात कर रहे थे रुतबे की मनुष्य के अंदर जो अच्छाइयां होती हैं उन अच्छाइयों को अगर मनुष्य बहुत ध्यान से और गहराई से समझें तो वह बिना गलत कार्य किए समाज में मान सम्मान पा सकता है पहले सम्मान सहित लोगों का सम्मान होता है उसको रुतबा बोलते हैं,

तथा अगर किसी मनुष्य द्वारा किए गए गलत कार्य या किसी को प्रताड़ना देखकर पीड़ित करके अपना मान सम्मान कमाया जाए यही प्रकार का रुतबा उसे कहते हैं जो कि पॉजिटिविटी से लाखों कोसों दूर होता है हनुमान जी द्वारा कमाया गया रुतबा शांत स्वभाव तथा शक्तिशाली होने का संदेश रावण को देना दोनों उचित ठहराया जाता है उस रुतबे को अपने जीवन में उतारने वाला व्यक्ति ऐसा सम्मानित रहता
तथा रावण द्वारा किए गए कृत्य को दर्शाया जाना तथा अपने जीवन में लाना अगर आदमी उसको अपना रुतबा समझने लगता है तो वह अनुचित तथा गलत होता है इंसान को कभी भी घमंड अहंकार में आकर सम्मान नहीं कमाना चाहिए क्योंकि घमंड और अहंकार से कमाया गया सम्मान केवल कुछ दिन के लिए होता है तथा सम्मान से सम्मान कमाया गया सम्मान काफी समय तक चलता है और सदियों तक भी उसे याद रखते हैं अगर आप समाज के लिए तथा अपने परिवार के लिए कोई कार्य कर रहे हैं तो उसमें बहुत ही स्वच्छता होनी चाहिए मनुष्य मनुष्य के द्वारा बनाई गई चीजों को इस्तेमाल करने के लिए अपने आप को मनुष्य होने से काफी दूर कर लेता है लेकिन वह चीज उसके जीवन भर काम नहीं आती जो मनुष्य अपने ईश्वर से तथा अपने आत्मविश्वास अपने बल अपने ज्ञान से कमाता है वह चीज उसके सदियों तक काम आती है इसलिए मनुष्य को यह सोचना चाहिए कि जब भी वहां पर रुतबा कमाने के चक्कर में पड़े या रुतबा  कमाना चाहे तो अपने आप को बहुत से संयमित तरीका से रखें क्योंकि ईश्वर से जुड़कर जो मनुष्य रहता है उससे कभी कोई मनुष्य तोड़ नहीं सकता लेकिन जो मनुष्य ईश्वर से जुड़कर नहीं रहता है उस मनुष्य को मनुष्य कभी भी तोड़ सकता है !!!

रुतबा शब्द कहने और सुनने में बहुत अच्छा होता है लेकिन रुतबा हमेशा शांत इंसान के पास होना चाहिए जो उसको काफी दिनों तक संभाल सके तथा समाज परिवार लोक कल्याण के कामों में लगा सके यदि बबूल के पेड़ पर आम लगने लगता तो लोग कांटे ना देखें बल्कि आम तोड़कर और अगर आम नीम पर लगता तो लोग पत्तियों का स्वाद ना चखते बल्कि आम का स्वाद चखते इसीलिए मनुष्य कैसा भी हो उसकी सूरत शक्ल कैसी भी हो लेकिन अगर उसके अंदर ज्ञान है सहनशीलता है अज्ञानी नहीं है तो वह रुतबा के काबिल होता है और उस व्यक्ति को लोग बहुत सम्मान से मानते हैं और यदि मनुष्य कितना भी मनमोहक और सुंदर हो उसके अंदर सम्मान नाम की कोई चीज ना हो तो लोग उसे बबूल के दसून जैसा समझते हैं की दातुन करने के बाद जैसे हैं दी जाती है उसी प्रकार उस मनुष्य को लोग इस्तेमाल करके फेंक देते हैं इसीलिए मनुष्य को हमेशा कमल की तरह होना चाहिए चारों तरफ कीचड़ होते हुए भी वह अपने स्वभाव को ऐसा रखें जैसे लोगों का ध्यान कीचड़ पर कम और कमल पर ज्यादा हो

आप लोगों के लिए जो हमने आज का टॉपिक सुना था उस टॉपिक में अगर आप लोगों को अच्छा लगे तो आप लोग अपना टॉपिक में बता सकते हैं उस टॉपिक पर आपको हम सभी प्रकार के सीरीज लिखकर दिया करेंगे तथा अपना प्यार बनाए करेंगे




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